मोहम्मद शमी के खिलाफ कोर्ट पहुंचीं हसीन जहां, मांगा हर महीने 10 लाख रुपये गुजारा भत्ता

भारत के तेज गेंदबाज मोहम्मद शमी और उनकी पत्नी हसीन जहां के बीच विवाद ने नया रंग ले लिया है। हसीन जहां ने मंगलवार को शमी के खिलाफ अलीपुर कोर्ट में एक केस दायर करते हुए हर महीने अपने और बेटी के गुजारे भत्ते के लिए 10 लाख रुपये की मांग रखी है।


टाइम्स ऑफ इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार घरेलू हिंसा एक्ट 2005 के तहत दायर इस मामले में अलीपुर कोर्ट ने शमी और अन्य (जिनके खिलाफ शिकायत है) को 15 दिन के अंदर कोर्ट के सामने पेश होने को कहा है। हसीन जहां के वकील जाकिर हुसैन ने इस बारे में बताया, हमने अपनी बात रखी और मैजिस्ट्रेट ने हमारी याचिका सुनते हुए दूसरे पक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया। अगली सुनवाई 4 मई को होगी।' 


रिपोर्ट के मुताबिक हसीन जहां मंगलवार को सुबह करीब 10:30 बजे कोर्ट पहुंचीं और अपने पति पति शमी समेत उनकी मां अंजुमन आरा बेगम, बहन सबीना अंजुम, भाई मो.हसीब अहमद और हसीब की पत्नी शमा परवीन के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। (और पढ़ें- CSK vs KKR: चेन्नई को आखिरी ओवर में थी 17 रनों की जरूरत, इस खिलाड़ी ने छक्का लगाकर दिलाई जीत)


हसीन इन सभी के खिलाफ 8 मार्च को भी इन सभी के खिलाफ जाधवपुर स्टेशन पुलिस में शिकायत दर्ज करा चुकी हैं। पुलिस ने भी विभिन्न धाराओं के मुताबिक मामले की जांच शुरू कर दी थी। साथ ही पुलिस शमी के उतर प्रदेश स्थित अमरोहा गांव में जाकर पड़ोसियों से पूछताछ कर चुकी है। हसीन जहां के वकील ने कहा, 'यह केस पुलिस में कराई गई शिकायत से अलग है। शमी ने यह मामला उठने के बाद एक पैसा भी अपनी पत्नी को नहीं दिया है। उन्होंने एक लाख चेक दिया था जो बाद में बाउंस हो गया। अब हसीन जहां के पास महीने के खर्च के लिए भी पैसे नहीं बचे हैं।'


हसीन जहां के वकील ने कोर्ट को ये भी बताया कि शमी हर साल करीब 100 करोड़ कमाते हैं और इसलिए उन्हें यह पैसे देने में दिक्कत नहीं होगी। वकील ने कहा, यह उनका (शमी) फर्ज है कि वे अपने परिवार का ख्याल रखें और अपनी बच्ची और पत्नी को खर्च के लिए पैसे दें। इसलिए, हमने हसीन जहां के लिए प्रति महीने 7 लाख और बेटी के लिए 3 लाख रुपये की मांग रखी है। हसीन ने अपनी इस याचिका में कोर्ट से यह भी अपील की है कि उनकी बच्ची उन्हीं के पास रहे। (और पढ़ें- CWG 2018: श्रेयषी ने दिलाया भारत को 12वां गोल्ड, वर्षा एक प्वाइंट से ब्रॉन्ज मेडल से चूकीं)